मृत्यु के बाद क्या होता है, इसका सच आपको पता है
Vivo Y51A 48MP camera and 128GB Rom 8GB Ram Smartphone
The Redmi Note 10 Pro Max 108MP camera Smartphone
Google मे किया Search करना नेही चाहिए । You don’t Search this in Google
अपने प्रेमी के साथ कभी न करें ये 6 गलतियां नहीं तो Breackup हो जाएगा
नमस्कार दोस्तों मैं Bapun । स्वागत करता हूँ हमारे ब्लॉग को "hindi-nuskhe88.blogspot.com" । दोस्तों आज मैं एक ऐसा विषय लेकर आया हूँ जिससे दुनिया में हर कोई चाहे बो अमीर हो या गरीब, सभि इसको डरते है। जानते हो बह क्या है । दोस्त वह " मौत " है।
दोस्त मौत से सभि डरते हैं चाहे वो इंसान हो या राक्षस। मृत्यु के बाद क्या होता है, इसके answer कीसी को भि नेहि पता । अर है बि बो सच नेहि है । इए सवाल को हम अक्सर अपनी मां, चाचा, दादा-दादी, दादा-दादी या माता-पिता से पूछते हैं। और उन्होंने कहा होगा कि मृत्यु के बाद आत्मा यम पाश के जाती है। वहाँ यम सभी आत्माओं को उनके कर्मों के अनुसार दंड देते हैं। आप कभी ना कभी ऐसी बात ज़रुर सुनी होगी ? दोस्त किया इए सब बात सच है सच । आइए जानते है ।
हर जीव में एक आत्मा होती है जो अमर होती है। जैसे ईश्वर अमर है। यह आत्मा कभी नहीं मरती है यह केवल शरीर को छोड़ती है । जिसे लोग मृत कहते हैं दोस्तों इस संसार के नियम अनुसार प्रत्येक व्यक्ति एक दिन जन्म होता है अर एक दिन उनको मरना होता है। अभी तक कोई भी एसि मनुष्यों नेही जो अमर है। क्या आप जानते है हमारे दुनिया से अर एक दुनिया है जाहा आत्माओं रेहेते है। गीता में भगवान श्री क्रिष्ना कहते हैं कि आत्मा अमर है और उसका कभी अंत नहीं होता । जेसे हम कपड़े बदलते है बेसे ही बो शरीर बदलती है
गरुड़ पुराण, जो मृत्यु के बाद आत्मा के उपयोग का वर्णन करता है। उनके अनुसार, जब आत्मा शरीर को छोड़ती है, तो दो दूत उसे लेने आते हैं। अगर मरे हुए आत्मा अच्छे हैं यानी बह एछा काम किया होगा अर यदि वह पुण्यात्मा है, तो उसकी आत्मा को शरीर से अलग होनेमे कष्ट नहीं होता । लेकिन अगर वह दुष्ट और पापी है, तो उसे बहुत कुछ सहना पड़ता है जैसे चोरी करना, पत्नी को गाली देना मारना पिटना , उसके साथ बलात्कार करना, माता-पिता को पीटना, बलात्कार करना, किसी का मन दुखाना आदि काम करते हो तो आपका मृत्यु बहुत दर्दनाक होते हैं।
गरुड़ पुराण में उल्लेख है कि मृत्यु के बाद देवदूत आत्मा को केवल 24 घंटे के लिए ही लेते हैं। और इन 24 घंटों के भीतर आत्मा को दिखाया गया है कि उसने कितना पाप और कितने धर्म किया है फिर आत्मा उस घर में रह जाती है जहां उसकी मौत हुआ था । वह अपने शुध्द के काम करने तक 13 दिनों तक वहां रहता है फिर वह यमी की पास यात्रा करता है । गरुड़ पुराण के अनुसार जब भी किसी व्यक्ति की मृत्यु होती है और आत्मा शरीर को छोड़ कर 3 यात्रा शुरू करती है। आत्मा के कर्म निर्भर करती है बही किस रास्ते मे जाएगी ।
1 तोरणद्वार
2 धूमधाम द्वार और
3 मूल आवासीय द्वार
तोरणद्वार का मार्ग देवताओं और ब्रह्मा के लोगों के मार्ग के लिए है जो बहत धर्म काम करते है । पुश्तैनी यात्रा पर जाता है धूमधाम का रास्ता और आखिरी लेकिन कम से कम नहीं, शीर्षक ने आपको नरक में डाल दिया। मृत्यु के बाद प्रत्येक व्यक्ति की आत्मा तय करती है कि उसे कौन सा रास्ता अपनाना है।
दोस्तों के मामले में सावधान रहें और खुद को बेहतर बनाएं। अर एछा काम करिए ।


टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें